HMPV वायरस: कोरोना के बाद नई चुनौती या महज एक अफवाह?

Author – Mujahidul Islam

साल 2020 की बात है, जब पूरी दुनिया की रफ़्तार एकदम से थम गई थी। शहरों से लेकर गाँव तक की सड़कों पर सन्नाटा था। अस्पतालों में बेड की मारा-मारी, हर तरफ एंबुलेंस की आवाज़, और किसी का भी छींकना लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर देता था। रिश्तेदारों का कॉल आना मानो किसी बुरी ख़बर का संकेत लगने लगा था। ऑक्सीजन सिलेंडर इतना महंगा हो गया था कि पैसे होने के बावजूद भी मिलना मुश्किल था।इस तबाही की वजह था कोरोना वायरस, जिसने भारत में 5 लाख से ज्यादा लोगों की जान ली।

अब, जब लोग इस सदमे से उबर ही रहे थे, एक और वायरस ने डर का माहौल बना दिया है – HMPV, यानी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस।
• HMPV वायरस क्या है?
• यह कितना खतरनाक है?
• इससे बचने के लिए क्या किया जा सकता है
जहां से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला था, वहीं से एक और वायरस ने डर का माहौल बना दिया है। चीन के अस्पतालों से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो एक बार फिर से कोरोना काल की याद दिला रही हैं।
हालांकि, चीन की सरकार ने अब तक इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

HMPV वायरस के बारे में क्या पता चला है?
• चीन के इंफेक्शियस डिज़ीज़ इंस्टीट्यूट के निदेशक कैन बियाओ के अनुसार, यह वायरस 14 साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है।
• वियतनाम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के दिसंबर से 2024 के मार्च तक चीन में हर महीने 16,000 से 18,000 HMPV के मामले सामने आए।
• रिपोर्ट बताती है कि सांस की बीमारियों के 15% मामले HMPV की वजह से थे।

भारत में HMPV वायरस:
• बेंगलुरु के एक अस्पताल में 8 महीने के बच्चे में HMPV पाया गया है।
• अब तक बेंगलुरु, गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में कुल 11 मरीज़ संक्रमित मिले हैं।
• अच्छी बात यह है कि इनमें से कुछ लोग ठीक हो चुके हैं।

HMPV वायरस क्या है?

HMPV कोई नया वायरस नहीं है। इसकी पहचान पहली बार 2001 में हुई थी।
यह एक RNA वायरस है, जो मुख्य रूप से इंसानों के रेस्पिरेटरी सिस्टम (सांस की प्रणाली) को प्रभावित करता है।
यह वायरस बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है।

HMPV के लक्षण:
• नाक बहना या बंद होना
• खांसी और गले में खराश
• बुखार
• सांस लेने में तकलीफ (गंभीर मामलों में)
• बच्चों में निमोनिया

HMPV कैसे फैलता है?
• संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से हवा में फैली बूंदों के संपर्क में आने से।
• संक्रमित व्यक्ति से सीधे संपर्क, जैसे हाथ मिलाना या गले लगना।

क्या यह कोरोना वायरस जितना खतरनाक है?
• HMPV कोविड जितना खतरनाक नहीं है और इसके महामारी बनने की संभावना बहुत कम है।
• यह वायरस काफी पुराना है, और अधिकांश लोगों की इम्यूनिटी इससे लड़ने में सक्षम है।
• WHO और वैज्ञानिक इसे मॉनिटर कर रहे हैं।

HMPV से बचाव के उपाय:
1. साफ-सफाई का ध्यान रखें:
• हाथों को 20 सेकंड तक साबुन से धोएं।
• सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
2. मास्क पहनें:
• विशेष रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर।
3. सतहों को साफ रखें:
• दरवाज़ों के हैंडल, मोबाइल, और अन्य चीज़ें नियमित रूप से साफ करें।
4. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं:
• पौष्टिक भोजन खाएं।
• नियमित व्यायाम करें।
• इम्यूनिटी बढ़ाने पर ध्यान दें।

निष्कर्ष:

HMPV वायरस चिंता का कारण हो सकता है, लेकिन यह कोरोना जितना घातक नहीं है।
यदि हम सावधानी बरतें और अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखें, तो इससे बचा जा सकता है।

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