देश में लंबे अरसे से अटके हुए महिला आरक्षण बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले आनन फानन में संसद से बिल पास कर दिया। सितंबर 2023 में विशेष सत्र बुलाकर संसद के दोनों सदन से बिल को पास कर नाम रखा नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023, बिल पास होने के बाद लोगों को लगा शायद अब एक तिहाई सीट महिलाओं को मिलेगा।
बिल पास होने के साथ ही सरकार द्वारा कहा गया की ये कानून लोकसभा और विधान सभा में लागू रहेगा। लेकिन यह लागू तभी होगा जब देशभर में परिसीमन होगा, परिसीमन तभी होगा जब जनगणना होगा। संसद भवन में कानून पास होने के बाद अबतक लोकसभा, हरियाणा विधानसभा, जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव पूरा हो चुका है। अब आने वाले दिनों में झारखंड और महाराष्ट्र में भी चुनाव है।
देश भर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम कानून लागू नहीं हुआ है। लेकिन अब तक किसी भी पार्टी ने एक तिहाई सीट महिलाओं को देने का जहमत नहीं उठाई है। अगर हरियाणा विधानसभा चुनाव में महिलाओं को टिकट देने की बात करें तो देश के मुख्यधारा राजनीतिक पार्टी कांग्रेस और बीजेपी किसी भी पार्टी ने एक तिहाई सीट महिलाओं को नहीं दिया है।
90 विधानसभा सीट वाली हरियाणा में बीजेपी ने 10 और कांग्रेस ने 13 सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारे थे। जिसमें से बीजेपी के 5, कांग्रेस के 7 और एक निर्दलीय महिला ने जीतकर सदन तक पहुंचे हैं। कुल मिलाकर 90 सीट वाली हरियाणा विधानसभा में सिर्फ 13 ही महिला विधानसभा सदस्य हैं।
झारखंड में क्या है
81 विधानसभा सीट वाली झारखंड में 68 सीट के साथ बीजेपी मैदान में हैं। 68 में 66 सीटों पर उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। इस 66 में से सिर्फ 12 ही महिला उम्मीदवार शामिल हैं। हालांकि कांग्रेस जेएमएम अभी उम्मीदवारों की घोषणा नहीं किया है। 12 महिलाओं में तीन पूर्व मुख्यमंत्री के घर की महिला शामिल है। जिसमें अर्जुन मुंडा की पत्नी, मधु गौड़ा की पत्नी और वर्तमान उड़ीसा राज्यपाल व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास की बहू शामिल हैं।













